True Love

खो गया है दिल मेरा

Posted by terashiq on February - 8 - 2013 786 views

Dear Friends of poetry and literature,

 

In the season of this valentine, I present you with the song which I wrote quite a long back, not very but  two year ago only. I feel this one quite close to me as I still love to sing it over and over. I never shared it with you folks, but better late than never. Please feel free to share your critics suggestion to improve and encourage me as your words are only my fuel I can bank on.

So just open your heart, express your love to your loved and dear ones. Will pray, My Lord bless you with your true love and keep them close to you ever, forever !! Enjoy the words.

 

खो गया है दिल मेरा कही, हम किसी के होने लगे!

होगई है मोहोबत किसी से, किसी पे दिल खोने लगे!!

एहसास होता है जैसे कोई तो है, जो मेरे करीब आने लगा!

पेचीदगी मेरे जिन्दगी की, जैसे राज़ कोई सुलझाने लगा!!

जब उनकी नज़रों से नजरे थी मिली, वो सांसों से सांसों का हुआ था टकराना!

पल दो पल मैं ये जाने हुआ क्या, न जाने कैसे बन गया कोई अफसाना!!

खो गया है दिल मेरा कही, हम किसी के होने लगे!

होगई है मोहोबत किसी से, किसी पे दिल खोने लगे!!

आँखों मैं उसकी कोई धुंधली सी तस्वीर जैसे बनने लगी!

उसके दीदार की जुस्तजू, उससे मिलने की आरज़ू जगने लगी!!

उस खाब का हम हर किसी से पूंछने लगे, क्या है उसका पता!

वो ग़ज़ल जिसे खुदा ने नवाजी है नूर-ऐ-नज़र, चंचल शोख अदा!!

खो गया है दिल मेरा कही, हम किसी के होने लगे!

होगई है मोहोबत किसी से, किसी पे दिल खोने लगे!!

 

आपका कवि दोस्त

दीपक सिंह ‘तन्हा’

Dated : 18/07/2011



You must be logged in to post a comment.